ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिसे-मुशावरत ने समान नागरिक संहिता पर झारखंड सरकार के प्रस्ताव और महाकुंभ में दुर्घटना के शिकार हिंदू यात्रियों की सहायता को देश और समाज की सच्ची सेवा बताया।
नई दिल्ली: ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिसे-मुशावरत ने महाकुंभ के दौरान हुए हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि यह त्रासदी न केवल प्रभावित परिवारों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए दुख का कारण है। मुशावरत के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज अहमद एडवोकेट ने कहा कि हम उन सभी मुस्लिमों को हार्दिक शुभकामना पेश करते हैं जिन्होंने सांप्रदायिकता और नफरत के इस माहौल में अपने धर्म, जाति और संप्रदाय से परे जाकर दुर्घटना के शिकार हिंदू तीर्थयात्रियों की निस्वार्थ भाव से मदद की। घायलों को अस्पताल पहुंचाने, भूखों को खाना खिलाने, डरे सहमे लोगों को सांत्वना देने और उनके लिए अपने घरों के दरवाजे खोल देने में दिखाई गई उन की करुणा और मानवता की भावना हमारी राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का एक ज्वलंत उदाहरण है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वे मानवता को प्राथमिकता दें और बिना भेदभाव के हर पीड़ित व्यक्ति की मदद करें।
मुशावरत ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और वक्फ संशोधन विधेयक पर झारखंड विधानसभा द्वारा लिए गए विवेकपूर्ण निर्णय का स्वागत किया और माननीय मुख्यमंत्री, विधानसभा, सत्तारूढ़ दल और राज्य की पूरी सरकार की प्रशंसा की है और कहा है कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उठाए गए इस कदम के लिए हम उन्हें हार्दिक बधाई देते हैं। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और मुशावरत के अध्यक्ष श्री अहमद ने अपने बयान में कहा है कि यह प्रस्ताव देश की बहुलतावाद, गंगा यमुनि संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों के पालन का प्रतिबिंब है। झारखंड सरकार ने साबित कर दिया कि वह भारत के संविधान के मूल सिद्धांतों, अल्पसंख्यकों के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के प्रति गंभीर है। यह कदम न केवल मुसलमानों के लिए, बल्कि देश के हर विवेकशील नागरिक के लिए आशा की किरण है। ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिसे-मुशावरत सभी राज्य सरकारों से अपील करती है कि वे झारखंड की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से सीखें और देश की विविधता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए व्यावहारिक कदम उठाएं। हम झारखंड की जनता को भी धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने अपनी सरकार को इतना स्पष्ट रुख अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे अपने पत्र में मुस्लिम मजलिसे-मुशावरत के अध्यक्ष ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि झारखंड सरकार देश में समानता, न्याय और भाईचारा को बढ़ावा देने के लिए ऐसे निर्णय लेकर एक अनुकरणीय राज्य बना रहेगा।