मुसलमानों की भावना को आघात पहुंचाने के दोषी नरसिंहानंद जैसे गुस्ताखों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए: मुशावरत
नई दिल्ली: ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिसे मुशावरत ने तथाकथित स्वामी यति नरसिंहानंद की पैगंबर मुहम्मद (स. अ. व.) की शान में गुस्ताखी की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस बदजुबान व्यक्ति द्वारा कहे गए अपमानजनक शब्द असहनीय हैं। मुस्लिम संगठनों के संघ ‘मुशावरत’ के अध्यक्ष फिरोज अहमद, एडवोकेट ने कहा कि सरकार को ऐसे बदजुबान को अविलंब गिरफ्तार कर मुकदमा चलाना और सख्त से सजा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उसे आज़ाद छोड़ देना ख़तरनाक है, ऐसे व्यकित के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है, ऐसे बदज़ुबान व्यक्ति की जगह जेल है। उन्होंने कहा कि उसकी इस हरकत से देश में शांति व्यवस्था को ख़तरा दरपेश है।
मुशावरत के अध्यक्ष ने कहा कि मुसलमान एक ईश्वर में आस्था रखते हैं और मूर्तिपूजा इस्लाम में सबसे बङा पाप है, लेकिन इस्लाम अपने अनुयायियों को किसी भी धर्म की पवित्र हस्तियों को अपमानित करने से रोकता है और किसी की भावनाओं को चोट पहुंचाने की अनुमति नहीं देता। कु़रआन उन देवी-देवताओं को भी बुरा भला कहने से मना करता है जिनको गैर मुस्लिम पूजते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नरसिंहानंद की यह हरकत एक ऐसा कुकृत्य जिसको सहन नहीं किया जा सकता लेकिन हमें इस बदजुबान के विरुध कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए और सरकार से इस व्यक्ति को दंडित करने की मांग करनी चाहिए। मुसलमानों को चाहिए कि वह कहीं भी हों वहां पर अपने देशवासियों से पैग़म्बर मुहम्मद (स. अ. व.) के आदर्श जीवन (सीरत) का परिचय कराएं, और उनको ये भी बताएं कि मानव जाति की मुक्ति, स्वतंत्रता और समानता के दुश्मनों को मानवता के उद्धारक पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से क्या तकलीफ है और वे उनका चरित्र हनन इस लिए करते हैं ताकि पीड़ितों को एकजुट होने और उनकी न्याय और समानता की शिक्षाओं को अपनाने से रोक सकें।